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2 Jun 2026 - तिथि ka महात्व


2 June 2026










2 जून 2026 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार बेहद खास और पवित्र है। इस दिन ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो रात 10:14 बजे तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी।

इस दिन के पंचांग का महत्व और मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

शुभ योग और नक्षत्र

इस दिन दो बेहद शुभ योग बन रहे हैं, जो किसी भी नए और मांगलिक कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम माने जाते हैं:

अमृत सिद्धि योग: यह योग सभी प्रकार के शुभ कार्यों में सफलता और सिद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है।

सर्वार्थ सिद्धि योग: इस योग के दौरान किया गया कोई भी संकल्प या शुरू किया गया काम सकारात्मक परिणाम देता है।

मूल नक्षत्र: इस दिन मूल नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी केतु हैं। यह नक्षत्र आध्यात्मिक संयम और गहरी सोच के लिए जाना जाता है।

दिन का चौघड़िया और शुभ मुहूर्त

यदि आप इस दिन कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं या kisi भी शुभ कार्य के लिए समय देख रहे हैं, तो इन मुहूर्तों का ध्यान रख सकते हैं:

अमृत चौघड़िया (सुबह): 08:52 AM से 10:35 AM तक

शुभ चौघड़िया (दोपहर): 12:19 PM से 02:02 PM तक

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:51 AM से 12:46 PM तक (यह दिन का सबसे श्रेष्ठ और शुभ समय माना जाता है)।

विशेष सावधानी (राहुकाल):

दोपहर 03:46 PM से शाम 05:29 PM तक राहुकाल रहेगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किसी भी नए या बड़े शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व

कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को 'सुमुखी' तिथि भी कहा जाता है। यह दिन नए व्यापार की शुरुआत, यात्रा, और पुराने दोस्तों या रिश्तेदारों से मिलने-जुने के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा, ज्येष्ठ महीने की तेज गर्मी के कारण इस दौरान जल दान करने और ठंडक पहुंचाने वाली वस्तुओं के दान का भी काफी धार्मिक महत्व होता है।


आदित्य पोरवाल
— श्री आदित्य पोरवाल, संपादक

"मैं इस साइट के माध्यम से सनातन ज्ञान की अनमोल कहानियों, विधि सामग्री, राशिफल और पंचांग को आप तक पहुँचाने का प्रयास कर रहा हूँ। मैं यह चाहता हूँ कि आप उन सभी को हमारी कहानियाँ शेयर करें जो जीवन की दौड़ में अपनी जड़ों से दूर हो गए हैं, या जिन्हें चिंता है कि हमारे बच्चे अपनी संस्कृति कैसे सीखेंगे। मेरा उद्देश्य है कि इन कहानियों के माध्यम से धीरे-धीरे समस्त दुनिया में हमारे सनातनी अपनी जड़ों से जुड़ सकें।"