घर में सुख-शांति के लिए सुंदरकाण्ड पाठ करने की सही विधि और नियम
सुंदरकाण्ड का पाठ न केवल हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है, बल्कि यह आत्मविश्वास बढ़ाने और गृह क्लेश को दूर करने का अचूक उपाय है।
पाठ की सही विधि:
समय का चयन: सुंदरकाण्ड का पाठ शनिवार या मंगलवार को करना सर्वोत्तम है। समय के लिए सुबह या शाम का समय (ब्रह्म मुहूर्त या गोधूलि बेला) चुनें।
स्थान की शुद्धि: एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। साथ ही श्री राम और माता सीता का चित्र भी अवश्य रखें।
दीप प्रज्वलन: घी का एक दीपक जलाएं और अगरबत्ती जलाकर वातावरण को सुगंधित करें।
संकल्प: हाथ में जल और अक्षत लेकर अपना नाम और मनोरथ बोलें।
आरंभ: सबसे पहले गणेश वन्दना करें, फिर श्री राम जी की स्तुति करें। इसके बाद ही सुंदरकाण्ड शुरू करें।
भोग: पाठ संपन्न होने पर बूंदी या चने-चिरौंजी का प्रसाद अर्पित करें।
आरती: अंत में हनुमान जी की आरती करें और राम नाम का संकीर्तन करें