शनि दोष और कष्टों से मुक्ति के लिए शनिवार को पीपल पूजा की संपूर्ण विधि
शास्त्रों के अनुसार, पीपल के वृक्ष में सभी देवताओं का वास होता है, विशेषकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का। शनिवार के दिन पीपल की पूजा करने से न केवल शनि देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर हो जाती हैं।
पूजा की चरणबद्ध विधि:
स्नान: शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ काले या नीले वस्त्र पहनें (काले रंग के वस्त्र केवल इसी पूजा में पहनें, अन्यथा हनुमान जी की पूजा में बचें)।
जल अर्पित करना: एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल, थोड़ा कच्चा दूध, काले तिल और गुड़ मिलाकर पीपल की जड़ में "ॐ नमः शिवाय" या "ॐ शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करें।
दीपक: सूर्यास्त के बाद (शाम के समय) पीपल के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं।
परिक्रमा: "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करते हुए पीपल के वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करें।
कलावा बांधना: सूत का कच्चा धागा या कलावा पीपल के तने पर सात बार लपेटें, यह सुख-समृद्धि के लिए होता है।
दान: पूजा के बाद किसी गरीब व्यक्ति को काला कपड़ा, अनाज या तेल दान करना अत्यंत शुभ होता है।
"मैं इस साइट के माध्यम से सनातन ज्ञान की अनमोल कहानियों, विधि सामग्री, राशिफल और पंचांग को आप तक पहुँचाने का प्रयास कर रहा हूँ। मैं यह चाहता हूँ कि आप उन सभी को हमारी कहानियाँ शेयर करें जो जीवन की दौड़ में अपनी जड़ों से दूर हो गए हैं, या जिन्हें चिंता है कि हमारे बच्चे अपनी संस्कृति कैसे सीखेंगे। मेरा उद्देश्य है कि इन कहानियों के माध्यम से धीरे-धीरे समस्त दुनिया में हमारे सनातनी अपनी जड़ों से जुड़ सकें।"