बजरंग बाण का पाठ कैसे करें? जानिए शत्रुओं और बाधाओं के नाश के लिए सही नियम
बजरंग बाण का पाठ तब किया जाता है जब कोई शत्रु आपको बिना कारण परेशान कर रहा हो या जीवन में कोई ऐसी बाधा आ गई हो जो हटने का नाम न ले रही हो। चूँकि इसमें भगवान हनुमान को "सौगंध" दी जाती है, इसलिए इसे बहुत ही सावधानी और नियम के साथ करना चाहिए।पाठ की सही विधि:
शुद्धिकरण: मंगलवार या शनिवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल वस्त्र धारण करें।
संकल्प: हनुमान जी की मूर्ति के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। हाथ में जल लेकर अपने संकट का वर्णन करें और संकल्प लें।
आसन: पाठ के लिए कुश या ऊनी आसन का प्रयोग करें। दिशा पूर्व या उत्तर होनी चाहिए।
राम नाम का जाप: बजरंग बाण शुरू करने से पहले कम से कम 5 मिनट "राम-राम" नाम का जप अवश्य करें।
पाठ की संख्या: अपनी समस्या के अनुसार इसका 7, 11 या 21 बार पाठ करें।
सावधानी: इसे कभी भी किसी का बुरा करने की नीयत से न करें। पाठ के दौरान मन में केवल भक्ति और विश्वास होना चाहिए।
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